Uncategorized

MSG – film or __ ??

हाल ही में रिलीज़ हुयी MSG फ़िल्म ने सिनेमा का सत्यानाश कर दिया है। पिछले 100 सालों से भारतीय सिनेमा जिस चंगुल से निकलकर अपनी आज़ाद राह पर चलने की कोशिश कर रहा था, इस कालंक ने उसे वापिस 100 साल पीछे धकेल दिया है।राजनीती का अर्थ शास्त्र करने वाले लोग यह याद रखें के जनवरी में सेंसर बोर्ड ने इस फ़िल्म को बैन कर दिया था पर फ़रवरी के दिल्ली में हुए चुनाव में इस फ़िल्म के हीरो ‘राम रहीम’ द्वारा भाजपा को समर्थन दिए जाने के ऐवज में बैन हटा लिया गया। “हैप्पी न्यू इयर” और “किक” जैसे फिल्मों के शौक़ीन जिनके नाम पर आज सिनेमा बस एक मनोरंजन का शोशा बन के रह गया है वो दर्शक यह भी ध्यान में रखें के सेंसर बोर्ड का अध्यक्ष पहलाज निहलानी है जिसने ‘हर हर मोदी’ का नारा दिया था। मैं कुछ सिखाने या बताना नही चाह रहा बस इतना दिखाना चाह रहा हूँ के आपके महान भारत में राजनीती कैसे कला को प्रभावित करती है और कैसे मूर्खों को और भी मूर्ख बनाया जा रहा है।
यहीं बस नहीं हो जाती, यह कालंक 4000 सिनेमाघरों में दिखाया जा रहा है और हिंदी के साथ साथ तमिल,तेलुगु,मलयालम और बंगाली में डब किया जा रहा है।इसके साथ साथ राम रहीम को अब विदेश जाने की इज़ाज़त भी मिल गयी है। सुना है वोह अब इस का प्रचार करने विदेश जाने वाला है, उस अवस्था में जब उसपे कई केस चल रहे हैं। इस दौर को, याद रखियेगा, तब जब आने वाले कुछ साल में हिन्दुस्तान में ना-मात्र कलाकार रह जाएंगे और सरकार ‘ट्वीट’ कर के आपको होंसला देगी के ‘हमारा सारा ध्यान तोह इंफ्रास्ट्रक्चर पर ही लगा रहा’। उस दिन इस फ़िल्म को याद करना जब कानों में शोर के सिवा कुछ और नहीं गूंजेगा और आँखों के सामने सिर्फ ‘स्मार्ट सिटीआं’ नज़र आएंगी।आपके बच्चे जिस दिन रामायण और महाभारत सरीखे शिष्टाचारी पुस्तकें पढ़ पढ़ कर थक चुके होंगे उस दिन वह पूछेंगे के क्यों सेंसर बोर्ड ने गालियां सेंसर कर दी ? उस दिन वह सिर्फ सेंसर किये हुए शब्द ही इस्तेमाल करेंगे।

image

जब कुछ महीने बाद बिस्तर पे पड़ा आपका बुज़ुर्ग मन परचाना चाहेगा तोह उसको AIB Roast ना देखने देना, बल्कि उसे साक्षी माहराज और भागवत के पर्वचन सुनाना। बडा खुश होगा वो और आखरी सांस में दुआएं देगा। हरामज़ादो।भेन्चो। यह शब्द भी बैन है।
जो कलाकार हैं और जो कलाकार कहलवाते हैं, दोनों पक्ष सहमत होंगे के सेंसर बोर्ड जिस माध्यम के लिए है, उसमें सेंसर किये हुए शब्द ही भावना की धुरी में जा कर सच्चाई बनते हैं और इन्ही शब्दों के रूप में मुख से बाहर आते हैं। ऐसे में इन तमान शब्दों को सेंसर करना आज के यथार्थ को सेंसर करने के समान है।

आज की मौलिकता को सेंसर करना है और MSG जैसी फ़िल्म का रिलीज़ होंना इंडिपेंडेंट सिनेमा की कमर तोड़ने के समान है। आज जहां PVR सिनेमा जैसे बड़े मल्टीप्लेक्सों को छोटे बजट और गैर-सितारा फिल्में रिलीज़ करने में मौत पड़ती है वहीँ पर ऐसे मल्टीप्लेक्स, बाकी फिल्मों को हटा MSG जैसों को 25-25 शो दे रहे हैं। फिल्में देखने दर्शक आते हैं पर होच्छा ड्रामा देखने अनुयायी आते हैं। यही फर्क MSG को फ़िल्म नहीं होने देता। कलाकार का कोई टर्नओवर नहीं होता और कला, GDP को प्रभावित नहीं करती।
पंचकुला में MSG के भगतों द्वारा 10 दिन के लिए थिएटर बुक कर लिए गए हैं और सड़कों पर लोगों को रोक रोक कर टिकटें बाटीं जा रहीं हैं। यह याद रखना।

image

सेंसर बोर्ड के एक मेंबर अशोक पंडित एक तरफ AIB Roast को भारतीय सभ्यता के खिलाफ बता रहे हैं और दूसरी तरफ खुद “tell karan to show sex positions in front of mother” जैसे ट्वीट कर रहे हैं। यह भी याद रखना।
इन सब बातों का आपका जानना इस लिए भी जरूरी है क्योंकि आप सब हिंदुस्तानी सिनेमा और कला के भविष्य के रूपरेखा तय करेंगे।
सुना है MSG बनाने वाले ऐसे 7 फिल्में और बना रहे हैं। हो सकता हैं यह 70 भी बना दें । बस इन सब का ध्यान आपको रखना है,और सतर्कता आपको बरतनी है। समर्थक बन्ने से कुछ नही होगा, सलमान को देखने के शौकीन उसकी फिल्में देखने थिएटर नही जाते। सवाल करना जरूरी है नहीं तोह हाल के दो महीनों में और अब भी, जो घटित हो रहा है भ्यावेह है वो। और ऐसे ही रहा तोह यह भविष्य भी हो सकता है। कलाकार भोंकता नहीं। हर काटने वाला कुत्ता भी नही होता।
– Gursimran Datla

जरूरी – ना ही तोह मैं AIB प्रशंसक हूँ और ना ही किसी धर्म/मान्यता के खिलाफ हूँ। बस सिनेमा से प्रेम है।
पंजाब में और दिल्ली के कुछ इलाकों में फ़िल्म अभी तक बैन है।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s